जानिए बच्चों में गले का संक्रमण के प्रमुख कारण, बचाव और इलाज
बदलते मौसम, स्कूल जाना, ठंडे-गरम खान-पान और कमजोर इम्युनिटी के कारण बच्चों में गले से जुड़ी समस्याएँ आम हो गई हैं। अक्सर माता-पिता इसे हल्की परेशानी समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या बढ़ सकती है। बच्चों में गले का इन्फेक्शन बुखार, दर्द, निगलने में तकलीफ और चिड़चिड़ेपन का कारण बन सकता है।
इंदौर की प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ Dr. Priyanka Jain (Pediatrician, Indore) के अनुसार, सही जानकारी और समय पर इलाज से इस समस्या को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।
बच्चों में गले के संक्रमण का मुख्य कारण क्या है?
बच्चों में गले का इन्फेक्शन मुख्य रूप से वायरस या बैक्टीरिया के कारण होता है। जब बच्चे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं, या गंदे हाथों से मुंह-नाक छूते हैं, तो कीटाणु गले तक पहुँच जाते हैं। इसके अलावा कमजोर इम्युनिटी, बार-बार सर्दी-खांसी, प्रदूषण और साफ-सफाई की कमी भी गले के संक्रमण को बढ़ावा देती है।
ठंड में बच्चों को गले का इन्फेक्शन ज्यादा क्यों होता है?
सर्दियों के मौसम में बच्चों में गले का इन्फेक्शन ज्यादा देखने को मिलता है क्योंकि:
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ठंडी हवा गले की अंदरूनी सतह को सूखा देती है
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बच्चे ठंडा पानी या आइसक्रीम ज़्यादा लेते हैं
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बंद जगहों में रहने से वायरस तेजी से फैलते हैं
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सर्दियों में इम्युनिटी थोड़ी कमजोर हो जाती है
Pediatrician indore, Dr. Priyanka Jain बताती हैं कि सर्दियों में बच्चों के गले को ढककर रखना और गुनगुने तरल पदार्थ देना बेहद जरूरी है।
क्या खाने से बच्चों में गले का इन्फेक्शन ज्यादा होता है?
हाँ, कुछ हद तक खान-पान भी बच्चों में गले का इन्फेक्शन बढ़ा सकता है।
जैसे:
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बहुत ठंडा या फ्रिज का खाना
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ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन
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बाहर का जंक फूड
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बहुत मीठी चीजें
ऐसे खाद्य पदार्थ गले में जलन पैदा करते हैं और संक्रमण को बढ़ने का मौका देते हैं। संतुलित और घर का ताजा भोजन बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित होता है।
क्या कान के संक्रमण से बच्चों में गले में खराश हो सकती है?
यह सवाल कई माता-पिता के मन में होता है। जवाब है – हाँ।
कान, नाक और गला आपस में जुड़े होते हैं। कान में संक्रमण होने पर सूजन और बैक्टीरिया गले तक पहुँच सकते हैं, जिससे बच्चों में गले का इन्फेक्शन या खराश महसूस हो सकती है।
इसलिए अगर बच्चे को कान दर्द के साथ गले में दर्द भी हो, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
कौन सा बैक्टीरिया गले के इन्फेक्शन के जिम्मेदार है?
बैक्टीरियल गले के संक्रमण में सबसे आम कारण होता है Streptococcus pyogenes, जिसे स्ट्रेप थ्रोट भी कहा जाता है।
यह बैक्टीरिया:
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तेज गले में दर्द
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तेज बुखार
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टॉन्सिल पर सफेद धब्बे
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निगलने में परेशानी
जैसे लक्षण पैदा कर सकता है। Senior Pediatrician in Indore, Dr. Priyanka Jain के अनुसार, ऐसे मामलों में सही जांच के बाद ही एंटीबायोटिक दवा दी जानी चाहिए।
बच्चों में गले के इन्फेक्शन के सामान्य लक्षण
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गले में दर्द या जलन
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खाना या पानी निगलने में दिक्कत
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आवाज़ बैठ जाना
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बुखार
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गर्दन में सूजन
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बच्चे का चिड़चिड़ा या सुस्त होना
इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि बच्चों में गले का इन्फेक्शन समय के साथ गंभीर हो सकता है।
बच्चों में गले के संक्रमण का इलाज
Dr. Priyanka Jain (Pediatrician, Indore) के अनुसार इलाज संक्रमण के कारण पर निर्भर करता है:
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वायरल संक्रमण में आराम, तरल पदार्थ और घरेलू देखभाल
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बैक्टीरियल संक्रमण में डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयाँ
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गुनगुने पानी से गरारे (बड़े बच्चों के लिए)
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भाप लेना
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आवाज़ को आराम देना
बिना डॉक्टर की सलाह के दवा देना बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
बच्चो को गले के इन्फेक्शन से कैसे बचाया जा सकता है?
बच्चों में गले का इन्फेक्शन रोकने के लिए कुछ आसान लेकिन प्रभावी उपाय अपनाए जा सकते हैं:
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बच्चों को हाथ धोने की आदत डालें
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ठंडे पेय और आइसक्रीम सीमित करें
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मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएँ
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पौष्टिक आहार और पर्याप्त पानी दें
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बीमार बच्चों से दूरी बनाए रखें
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समय-समय पर डॉक्टर से स्वास्थ्य जांच
Dr. Priyanka Jain बताती हैं कि मजबूत इम्युनिटी ही बच्चों को संक्रमण से बचाने की सबसे बड़ी ढाल है।
निष्कर्ष
बच्चों में गले का इन्फेक्शन एक आम लेकिन ध्यान देने योग्य समस्या है। सही समय पर पहचान, उचित इलाज और रोजमर्रा की सावधानियों से इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। यदि बच्चे को बार-बार गले की परेशानी हो रही है, तो किसी अनुभवी बाल रोग विशेषज्ञ जैसे Dr. Priyanka Jain, Pediatrician, Indore से परामर्श अवश्य लें। स्वस्थ गला मतलब खुश और एक्टिव बच्चा।








