दूषित जल का सेहत पर असर बच्चों के लिए क्यों बन सकता है गंभीर खतरा

दूषित जल का सेहत पर असर: बच्चों के लिए क्यों बन सकता है गंभीर खतरा?

पानी जीवन का आधार है, लेकिन जब यही पानी दूषित हो जाए तो यह सेहत के लिए ज़हर जैसा काम कर सकता है—खासतौर पर बच्चों के लिए। आज के समय में दूषित जल का सेहत पर असर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है, जिससे हर माता-पिता को जागरूक होना ज़रूरी है। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए दूषित पानी से होने वाली बीमारियाँ उन्हें जल्दी और ज्यादा प्रभावित करती हैं।


दूषित जल क्या है और यह बच्चों को कैसे बीमार बनाता है - दूषित जल का सेहत पर असर

दूषित जल क्या होता है?

जब पानी में हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी, रसायन या गंदगी मिल जाती है, तो उसे दूषित जल कहा जाता है। ऐसा पानी देखने में साफ लग सकता है, लेकिन पीने पर यह शरीर के अंदर कई गंभीर समस्याएँ पैदा कर सकता है। दूषित जल का सेहत पर असर धीरे-धीरे दिखाई देता है, लेकिन कई बार इसके परिणाम अचानक और खतरनाक भी हो सकते हैं।


पानी कैसे दूषित होता है?

पानी के दूषित होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे:

  • खुले नलों या टंकियों में गंदगी का जाना

  • सीवेज का पीने के पानी में मिलना

  • बोरवेल या हैंडपंप के पास गंदा पानी जमा होना

  • बारिश के मौसम में जल स्रोतों का संक्रमित होना

  • बिना उबाले या फिल्टर किए पानी का उपयोग

इन कारणों से दूषित जल का सेहत पर असर बच्चों में सबसे पहले पेट से जुड़ी समस्याओं के रूप में सामने आता है।


दूषित पानी पीने से क्या होता है - दूषित जल का सेहत पर असर

दूषित पानी पीने से क्या होता है?

दूषित पानी पीने से शरीर में हानिकारक कीटाणु प्रवेश कर जाते हैं, जो पाचन तंत्र को प्रभावित करते हैं। बच्चों में इसके लक्षण जल्दी दिखाई देते हैं, जैसे:

  • बार-बार दस्त लगना

  • उल्टी या मतली

  • पेट दर्द और गैस

  • कमजोरी और डिहाइड्रेशन

अगर समय पर इलाज न हो, तो दूषित जल का सेहत पर असर जानलेवा भी हो सकता है।


बच्चों में दूषित जल से होने वाली आम बीमारियाँ

1. टाइफाइड

टाइफाइड दूषित जल से होने वाली सबसे आम और गंभीर बीमारी है। यह बैक्टीरिया के कारण फैलती है और लंबे समय तक बुखार, कमजोरी और भूख न लगने जैसी समस्याएँ पैदा करती है। दूषित जल का सेहत पर असर टाइफाइड के रूप में बच्चों को स्कूल और रोज़मर्रा की गतिविधियों से दूर कर देता है।

2. दस्त (डायरिया)

बच्चों में दस्त दूषित जल का प्रमुख कारण है। बार-बार पतले दस्त होने से शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है, जिसे डिहाइड्रेशन कहते हैं। छोटे बच्चों में यह स्थिति बहुत तेजी से बिगड़ सकती है। यही कारण है कि दूषित जल का सेहत पर असर बच्चों में सबसे पहले दस्त के रूप में देखा जाता है।

3. हैजा और पेट के संक्रमण

दूषित पानी से हैजा, आंतों में सूजन और अन्य पेट के संक्रमण भी हो सकते हैं, जो बच्चे की ग्रोथ को प्रभावित करते हैं।


दूषित जल और बच्चों की कमजोर इम्युनिटी - दूषित जल का सेहत पर असर

दूषित जल और बच्चों की कमजोर इम्युनिटी

बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती। ऐसे में दूषित जल का सेहत पर असर उन्हें बार-बार बीमार करके उनकी इम्युनिटी को और कमजोर कर देता है। लगातार बीमार रहने से बच्चे का वजन, मानसिक विकास और पढ़ाई पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।


बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका जैन की सलाह

प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका जैन के अनुसार, बच्चों को दूषित पानी से बचाना माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि:

  • बच्चों को हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी दें

  • बाहर का पानी या बर्फ बच्चों को न दें

  • दस्त के शुरुआती लक्षण दिखते ही ORS देना शुरू करें

  • लंबे समय तक बुखार या कमजोरी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

डॉ. प्रियंका जैन मानती हैं कि सही समय पर सावधानी बरतने से दूषित जल का सेहत पर असर काफी हद तक रोका जा सकता है।


दूषित जल से बच्चों को कैसे बचाएँ - दूषित जल का सेहत पर असर

दूषित जल से बच्चों को कैसे बचाएँ?

  • घर की पानी की टंकी नियमित रूप से साफ करें

  • RO या वाटर फिल्टर का सही उपयोग करें

  • बच्चों को हाथ धोने की आदत डालें

  • खुले में रखे पानी को पीने से बचाएँ

  • बारिश के मौसम में अतिरिक्त सावधानी रखें

इन छोटे-छोटे उपायों से दूषित जल का सेहत पर असर बच्चों पर पड़ने से रोका जा सकता है।


निष्कर्ष

पानी जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी है उसका साफ और सुरक्षित होना। बच्चों के लिए दूषित पानी कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए हर माता-पिता को दूषित जल का सेहत पर असर समझना और समय रहते सही कदम उठाना चाहिए। साफ पानी, सही आदतें और डॉक्टर की सलाह—यही बच्चों को स्वस्थ रखने की कुंजी है।

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