बच्चों में एनीमिया क्या है यह क्यों होता है लक्षणों और उपचार के बारे में पूरी जानकारी।

बच्चों में एनीमिया क्या है? यह क्यों होता है? लक्षणों और उपचार के बारे में पूरी जानकारी

बच्चों की सेहत उनके सही शारीरिक और मानसिक विकास की नींव होती है। लेकिन आजकल एक आम लेकिन गंभीर समस्या तेजी से देखने को मिल रही है, जिसे बच्चों में एनीमिया कहा जाता है। कई बार माता-पिता इसके शुरुआती संकेतों को सामान्य कमजोरी समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जबकि समय रहते पहचान और इलाज बहुत ज़रूरी होता है।

बच्चों में एनीमिया क्या है

बच्चे में एनीमिया रोग क्या है?

एनीमिया का अर्थ है शरीर में हीमोग्लोबिन या लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) की कमी होना। हीमोग्लोबिन का मुख्य काम शरीर के सभी अंगों तक ऑक्सीजन पहुँचाना होता है। जब बच्चों में इसका स्तर कम हो जाता है, तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और बच्चा कमजोर, थका हुआ और बीमार-सा महसूस करने लगता है। यह स्थिति बच्चे को एनीमिया बीमारी की और ले जाती है।

बच्चे को एनीमिया क्यों होता है?

बच्चों में एनीमिया होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन सबसे आम कारण पोषण की कमी है। बढ़ते बच्चों को आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन B12 और प्रोटीन की अधिक आवश्यकता होती है। जब उनका आहार संतुलित नहीं होता, तो धीरे-धीरे खून की कमी विकसित हो जाती है।

इसके अलावा, निम्न कारण भी जो बच्चे को एनीमिया के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं:

  • अस्वास्थ्यकर या जंक फूड आधारित डाइट
  • भोजन को ठीक से पचा न पाना
  • बार-बार होने वाले संक्रमण
  • पेट के कीड़े
  • लंबे समय तक चलने वाली बीमारियाँ
  • कुछ मामलों में वंशानुगत रक्त विकार

बच्चों में एनीमिया कैसे विकसित होता है

बच्चों में एनीमिया कैसे विकसित होता है?

यह समस्या अचानक नहीं होती, बल्कि धीरे-धीरे विकसित होती है। जब बच्चे को लंबे समय तक पोषक तत्वों से भरपूर भोजन नहीं मिलता, तो शरीर हीमोग्लोबिन बनाना कम कर देता है। शुरुआत में हल्की थकान दिखती है, लेकिन समय के साथ लक्षण गंभीर हो सकते हैं। इसलिए बच्चे में एनीमिया की समय पर पहचान होना बहुत ज़रूरी है।

बच्चों में एनीमिया के प्रमुख लक्षण

हर बच्चे में लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर ये संकेत दिखाई देते हैं:

  1. जल्दी थक जाना और ऊर्जा की कमी
  2. चक्कर आना या सिर दर्द
  3. अत्यधिक चिड़चिड़ापन
  4. सांस लेने में तकलीफ
  5. दिल की धड़कन तेज या अनियमित महसूस होना
  6. चेहरे, होंठ या आंखों का पीला या सफेद पड़ना
  7. नाखूनों का बार-बार टूटना या बालों का झड़ना
  8. पढ़ाई या खेल में मन न लगना

यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो आपको अपने बच्चे को इंदौर के निकटतम बाल रोग विशेषज्ञ से जरूर संपर्क कराना चाहिए।

बच्चों में एनीमिया का प्रभाव

बच्चे में एनीमिया का प्रभाव

यदि एनीमिया का इलाज समय पर न किया जाए, तो यह बच्चे की ग्रोथ, इम्युनिटी और मानसिक विकास को प्रभावित कर सकता है। बच्चा बार-बार बीमार पड़ सकता है और उसकी सीखने की क्षमता भी कम हो सकती है। इसलिए इसे हल्के में लेना सही नहीं है।

बच्चों में एनीमिया का उपचार

बच्चे को एनीमिया का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है। आमतौर पर उपचार में ये बातें शामिल होती हैं:

  • आयरन-युक्त आहार जैसे हरी पत्तेदार सब्जियाँ, चुकंदर, अनार, दालें
  • डॉक्टर की सलाह से आयरन और विटामिन सप्लीमेंट्स
  • पेट के कीड़े होने पर उचित दवा
  • नियमित ब्लड टेस्ट और फॉलो-अप

डॉ. प्रियंका जैन – बचपन किड्स केयर क्लिनिक के अनुसार, सही डाइट प्लान और समय पर इलाज से बच्चे में एनीमिया को पूरी तरह कंट्रोल किया जा सकता है।

माता-पिता के लिए जरूरी सलाह अगर आपके बच्चे में कमजोरी, थकान या ऊपर बताए गए लक्षण लगातार दिख रहे हैं, तो खुद से दवा देने के बजाय तुरंत किसी अनुभवी Pediatrician near me से संपर्क करें। समय पर जांच से समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है।


बच्चों में एनीमिया क्यों होता है

सामान्य सवाल और उनके जवाब

Q1. बच्चों में एनीमिया कितनी उम्र में ज्यादा होता है?
अधिकतर यह 6 महीने से 5 साल तक के बच्चों में देखा जाता है, खासकर जब डाइट सही न हो।

Q2. क्या बच्चों में एनीमिया ठीक हो सकता है?
हाँ, सही खान-पान, सप्लीमेंट्स और डॉक्टर की सलाह से यह पूरी तरह ठीक हो सकता है।

Q3. बच्चों में एनीमिया की जांच कैसे होती है?
साधारण ब्लड टेस्ट से हीमोग्लोबिन का स्तर जांचा जाता है।

Q4. क्या सिर्फ आयरन की कमी से ही एनीमिया होता है?
नहीं, विटामिन B12, फोलिक एसिड की कमी और अन्य बीमारियाँ भी कारण हो सकती हैं।

Q5. एनीमिया में डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
जैसे ही बच्चा लगातार थका-थका रहे या पीला दिखे, तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से मिलना चाहिए।

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