जानिए बच्चों में तेज बुखार और उल्टी दस्त के प्रमुख लक्षण और बचाव के सही तरीके
भारत जैसे देश में, जहाँ मौसम में बार-बार बदलाव, साफ-सफाई की कमी और दूषित भोजन-पानी आम समस्या है, वहाँ बच्चों में तेज बुखार और उल्टी दस्त एक बहुत ही सामान्य लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन सकती है। छोटे बच्चों का इम्यून सिस्टम पूरी तरह विकसित नहीं होता, इसलिए यह स्थिति उनके लिए जल्दी खतरनाक रूप ले सकती है। समय रहते लक्षणों की पहचान और सही देखभाल बेहद ज़रूरी है।
बच्चों में तेज बुखार और उल्टी दस्त क्या संकेत देते हैं?
जब किसी बच्चे को अचानक तेज बुखार के साथ उल्टी और दस्त होने लगते हैं, तो यह अक्सर किसी वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन की ओर इशारा करता है। कई बार यह वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस, फूड पॉइज़निंग, टाइफाइड या दूषित पानी से फैले इंफेक्शन के कारण होता है। बच्चों में तेज बुखार और उल्टी दस्त शरीर में पानी और नमक की कमी (डिहाइड्रेशन) पैदा कर सकते हैं, जो सबसे बड़ा खतरा होता है।
प्रमुख लक्षण जिन पर माता-पिता को तुरंत ध्यान देना चाहिए
बच्चों में तेज बुखार, उल्टी और दस्त के दौरान कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है:
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101°F से अधिक बुखार
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बार-बार पानी जैसे दस्त
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हर चीज़ खाने या पीने पर उल्टी
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बच्चा सुस्त या चिड़चिड़ा होना
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पेशाब की मात्रा कम हो जाना
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मुंह सूखना और आंखें धंसी हुई दिखना
डॉ. प्रियंका जैन, इंदौर की सर्वश्रेष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ के अनुसार, “अगर 24 घंटे के अंदर बच्चे की हालत में सुधार न दिखे, तो घर पर इलाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।”

भारत में यह समस्या क्यों ज़्यादा देखने को मिलती है?
भारत में बच्चों में तेज बुखार, उल्टी और दस्त की उच्च दर के पीछे कई कारण हैं:
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दूषित पानी या बर्फ का सेवन
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खुले में बिकने वाला खाना
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हाथ धोने की सही आदत न होना
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मानसून के दौरान बढ़ते बैक्टीरिया और वायरस
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स्कूल या डे-केयर में इंफेक्शन का फैलना
ग्रामीण और शहरी—दोनों क्षेत्रों में यह समस्या देखी जाती है, खासकर गर्मी और बरसात के मौसम में।

बच्चों में तेज बुखार, और उल्टी दस्त के दौरान क्या करें?
अगर बच्चे को बच्चों में तेज बुखार और उल्टी दस्त की समस्या हो रही है, तो घबराने के बजाय सही कदम उठाना ज़रूरी है:
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बच्चे को बार-बार ORS दें
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स्तनपान कराने वाली मां दूध बंद न करें
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हल्का और सुपाच्य भोजन दें
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बुखार के लिए डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा ही दें
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बच्चे को पूरा आराम दें
इंदौर की सर्वश्रेष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ Dr. Priyanka Jain बताती हैं कि माता-पिता की सबसे आम गलती होती है—बिना सलाह के एंटीबायोटिक देना, जो कई बार नुकसानदायक हो सकता है।
किन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
कुछ परिस्थितियों में बच्चों में तेज बुखार और उल्टी दस्त मेडिकल इमरजेंसी बन सकते हैं:
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6 महीने से कम उम्र का बच्चा
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दस्त में खून आना
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लगातार तेज बुखार 2 दिन से ज़्यादा
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बच्चा बिल्कुल कुछ भी न पी पा रहा हो
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डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखना
ऐसे में तुरंत किसी अनुभवी बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

बच्चों में तेज बुखार और उल्टी दस्त से बचाव के सही तरीके
रोकथाम इलाज से बेहतर होती है। बच्चों में तेज बुखार और उल्टी दस्त से बचाव के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
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हमेशा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी दें
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खाने से पहले और बाद में हाथ धुलवाएँ
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बाहर का खुला खाना देने से बचें
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फल और सब्ज़ियाँ अच्छे से धोकर दें
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समय पर सभी टीकाकरण कराएँ
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका जैन के अनुसार, रोटावायरस वैक्सीन बच्चों में दस्त से होने वाली गंभीर बीमारियों से काफी हद तक सुरक्षा देती है।
माता-पिता के लिए ज़रूरी सलाह
हर बुखार या दस्त गंभीर नहीं होता, लेकिन बच्चों में तेज बुखार और उल्टी दस्त को हल्के में लेना भी सही नहीं है। समय पर पहचान, सही देखभाल और डॉक्टर की सलाह से ज्यादातर बच्चे जल्दी ठीक हो जाते हैं।
अगर आपका बच्चा बार-बार ऐसी समस्या से जूझ रहा है, तो यह उसकी इम्युनिटी या खान-पान से जुड़ा संकेत हो सकता है। ऐसे में एक अनुभवी बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना सबसे बेहतर कदम है।





