बीमारी में बच्चों को क्या खिलाएं सही डाइट गाइड: टाइफाइड से लेकर निमोनिया तक क्या दें और क्या न दें?
जब बच्चा बीमार पड़ता है तो माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता यही होती है कि बीमारी में बच्चों को क्या खिलाएं ताकि वह जल्दी ठीक हो सके। सही दवा के साथ सही आहार भी उतना ही ज़रूरी होता है। कई बार गलत खानपान बीमारी को बढ़ा देता है और रिकवरी धीमी कर देता है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि अलग-अलग बीमारियों में बच्चों की डाइट कैसी होनी चाहिए।
इंदौर की जानी-मानी शिशु रोग विशेषज्ञ Dr. Priyanka Jain का कहना है कि बीमारी के दौरान बच्चों का पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है, इसलिए हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला भोजन देना चाहिए। आइए विस्तार से समझते हैं कि बीमारी में बच्चों को क्या खिलाएं और किन चीज़ों से बचें।
1️⃣ टाइफाइड होने पर बच्चों को क्या खिलाएं?
टाइफाइड में बच्चे को तेज बुखार, कमजोरी और भूख न लगने की समस्या होती है। ऐसे में सबसे पहले ध्यान रखें कि बच्चा डिहाइड्रेट न हो।
✔ हल्का और तरल आहार दें – मूंग दाल की पतली खिचड़ी, दलिया, सादा चावल
✔ उबला हुआ आलू, गाजर, लौकी जैसी सब्जियां
✔ नारियल पानी, ORS, नींबू पानी (कम नमक-चीनी के साथ)
✔ दही (अगर डॉक्टर मना न करें)
❌ तला-भुना, मसालेदार और ज्यादा फाइबर वाला खाना न दें
❌ बाहर का खाना बिल्कुल न दें
टाइफाइड में पेट पर कम से कम दबाव डालना जरूरी है। इसलिए जब भी सोचें कि बीमारी में बच्चों को क्या खिलाएं, तो सबसे पहले हल्का और सुपाच्य भोजन चुनें।
2️⃣ बच्चों में निमोनिया के लिए कौन सा भोजन अच्छा है?
निमोनिया में फेफड़ों में संक्रमण होता है, जिससे बच्चे को खांसी, सांस लेने में तकलीफ और कमजोरी हो सकती है। इस समय शरीर को ऊर्जा और इम्युनिटी दोनों की जरूरत होती है।
✔ गर्म सूप – सब्जी सूप, दाल सूप
✔ हल्दी वाला दूध (यदि बच्चा सहन कर सके)
✔ प्रोटीन युक्त आहार – मूंग दाल, पनीर (हल्का), उबला अंडा (डॉक्टर की सलाह से)
✔ विटामिन C युक्त फल – संतरा, कीवी (कम मात्रा में)
ठंडी और बहुत मीठी चीजों से बचें। याद रखें, निमोनिया में भी यही सवाल उठता है कि बीमारी में बच्चों को क्या खिलाएं – जवाब है, ऐसा भोजन जो शरीर को ताकत दे और गले में जलन न बढ़ाए।
3️⃣ खांसी और सर्दी होने पर बच्चों को क्या खिलाएं?
खांसी-जुकाम आम समस्या है, लेकिन सही खानपान से यह जल्दी ठीक हो सकता है।
✔ गुनगुना पानी
✔ तुलसी या अदरक का हल्का काढ़ा (बड़े बच्चों के लिए)
✔ गर्म सूप और खिचड़ी
✔ शहद (1 साल से बड़े बच्चों के लिए)
❌ आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, फ्रिज का पानी
❌ चिप्स, पैकेट स्नैक्स
अक्सर गूगल पर माता-पिता पूछते हैं – “क्या खांसी में केला देना चाहिए?” यदि बच्चे को बलगम ज्यादा है तो कुछ समय के लिए केला टाल सकते हैं। इसलिए जब भी दुविधा हो कि बीमारी में बच्चों को क्या खिलाएं, तो गुनगुना और घर का बना भोजन सबसे सुरक्षित विकल्प है।
4️⃣ उल्टी, दस्त और बुखार में बच्चों को क्या खिलाएं?
उल्टी-दस्त में शरीर से पानी और नमक तेजी से निकल जाता है। यह स्थिति बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती है।
✔ ORS घोल
✔ चावल का मांड
✔ केला (यदि उल्टी कम हो)
✔ सादा टोस्ट या खिचड़ी
बुखार में बच्चे को हल्का और तरल आहार दें। कई माता-पिता पूछते हैं, “क्या बुखार में दूध देना चाहिए?” यदि बच्चे को दूध से उल्टी या गैस नहीं होती तो थोड़ी मात्रा में दिया जा सकता है।
इस स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण बात है – डिहाइड्रेशन से बचाव। इसलिए समझदारी से तय करें कि बीमारी में बच्चों को क्या खिलाएं ताकि शरीर को जरूरी पोषण और पानी मिलता रहे।
5️⃣ जंक फूड बच्चों के लिए हानिकारक क्यों है?
बीमारी के दौरान ही नहीं, सामान्य दिनों में भी जंक फूड बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदायक है।
❌ इसमें पोषण कम और नमक-चीनी ज्यादा होती है
❌ इम्युनिटी कमजोर करता है
❌ पेट की समस्या बढ़ा सकता है
❌ मोटापा और डायबिटीज का खतरा बढ़ाता है
जब बच्चा बीमार हो तो जंक फूड बिल्कुल न दें। अगर आप सच में जानना चाहते हैं कि बीमारी में बच्चों को क्या खिलाएं, तो घर का ताजा और संतुलित भोजन ही सबसे अच्छा विकल्प है।
गूगल पर पूछे जाने वाले आम सवाल
प्रश्न: क्या बीमारी में बच्चे को जबरदस्ती खिलाना चाहिए?
नहीं। थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार खिलाएं।
प्रश्न: क्या फल देना सुरक्षित है?
हाँ, लेकिन छिलका हटाकर और सीमित मात्रा में।
प्रश्न: बच्चा कुछ भी खाने से मना करे तो क्या करें?
तरल आहार दें और डॉक्टर से सलाह लें।
निष्कर्ष
हर बीमारी में दवा के साथ सही खानपान बेहद जरूरी है। अलग-अलग स्थितियों में आहार बदल सकता है, लेकिन मूल सिद्धांत एक ही है – हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला भोजन दें।
माता-पिता को घबराने की जरूरत नहीं है, बस समझदारी से तय करें कि बीमारी में बच्चों को क्या खिलाएं और किन चीजों से बचें। यदि बच्चा लगातार कमजोरी, सांस लेने में तकलीफ, या बार-बार उल्टी-दस्त से परेशान हो तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें। सही समय पर सलाह और सही डाइट से बच्चा जल्दी स्वस्थ हो सकता है।
स्वस्थ आहार ही स्वस्थ बचपन की नींव है।






