2026 में बच्चों में गर्मियों में होने वाली बीमारियाँ – बचाव और इलाज के सही तरीके
भारत में गर्मियों का मौसम बच्चों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण समय माना जाता है। तेज धूप, बढ़ता तापमान, पसीना, दूषित पानी और बदलती दिनचर्या बच्चों की सेहत पर सीधा असर डालती है। साल 2026 में जलवायु परिवर्तन और बढ़ती गर्मी के कारण बच्चों में गर्मियों में होने वाली बीमारियाँ पहले की तुलना में ज्यादा देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में माता-पिता के लिए सही जानकारी, समय पर पहचान और उचित इलाज बेहद जरूरी हो जाता है।
गर्मियों में बच्चे ज्यादा बीमार क्यों पड़ते हैं?
गर्मी के मौसम में बच्चों का शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है। छोटे बच्चे अपनी प्यास ठीक से व्यक्त नहीं कर पाते, जिससे शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है। इसके अलावा, खुले में बिकने वाला भोजन, गंदा पानी और लंबे समय तक धूप में रहना बच्चों में गर्मी से संबंधित बीमारियों में वृद्धि के मुख्य कारण हैं।
गर्मियों में बच्चों को होने वाली आम बीमारियाँ
1. लू (Heat Stroke)
तेज धूप में खेलने या बाहर जाने से बच्चों को लू लग सकती है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, उल्टी, चक्कर आना और बेहोशी शामिल है। यह स्थिति गंभीर हो सकती है और तुरंत इलाज की जरूरत होती है।
गंदा पानी और बासी खाना बच्चों के पेट को जल्दी खराब कर देता है। गर्मियों में डायरिया भारत में सबसे आम समस्या है और यह बच्चों में गर्मियों में होने वाली बीमारियाँ की सूची में सबसे ऊपर आता है।

3. डिहाइड्रेशन
अत्यधिक पसीना निकलने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। बच्चे सुस्त हो जाते हैं, पेशाब कम आता है और मुंह सूखने लगता है।
4. स्किन रैशेज और घमौरियां
लगातार पसीने और नमी के कारण बच्चों की त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली और घमौरियां हो जाती हैं।
5. फूड पॉइजनिंग
खराब या खुले में रखा खाना खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है, जो बच्चों में गर्मियों में होने वाली बीमारियाँ का एक गंभीर रूप है।

गर्मियों में बीमारियों से बचाव के सही तरीके
बचाव इलाज से हमेशा बेहतर होता है। नीचे दिए गए उपाय बच्चों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं:
- बच्चों को बार-बार पानी, ORS, छाछ और नींबू पानी पिलाएं
- दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचाएं
- हल्के, सूती और ढीले कपड़े पहनाएं
- बाहर का खुला और जंक फूड न खिलाएं
- फलों और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही दें
- बच्चों को धूप में निकलते समय टोपी या छाता जरूर दें
इन आसान उपायों से बच्चों में गर्मियों में होने वाली बीमारियाँ काफी हद तक रोकी जा सकती हैं।
बीमार हो जाने पर सही इलाज क्या हो?
अगर बच्चा बार-बार उल्टी कर रहा है, दस्त रुक नहीं रहे, तेज बुखार है या बच्चा सुस्त लग रहा है, तो घरेलू इलाज पर निर्भर न रहें। तुरंत किसी अनुभवी बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
डॉ. प्रियंका जैन इंदौर की एक जानी-मानी और अनुभवी बाल रोग विशेषज्ञ के अनुसार गर्मियों में बच्चों की बीमारी को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। सही समय पर जांच और इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
2026 में माता-पिता को किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए?
2026 में, बढ़ते तापमान और बदलते मौसम को देखते हुए माता-पिता को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। अपने बच्चे के आहार, पानी के सेवन और दिनचर्या पर विशेष ध्यान दें। समय-समय पर डॉक्टर से सलाह लेना और नियमित चेक-अप करवाना बच्चों में गर्मियों में होने वाली बीमारियाँ को कंट्रोल करने में मदद करता है।
कब तुरंत डॉक्टर को दिखाएं?
- बच्चा बेहोश हो जाए
- बार-बार उल्टी या दस्त हों
- तेज बुखार दवा से भी न उतरे
- बच्चा पानी पीने से मना करे
- पेशाब बहुत कम आए
इन लक्षणों को नजरअंदाज करना बच्चों में गर्मियों में होने वाली बीमारियाँ को गंभीर बना सकता है।
निष्कर्ष
गर्मियों का मौसम बच्चों के लिए संवेदनशील समय होता है। सही जानकारी, सावधानी और समय पर इलाज से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है। अगर माता-पिता जागरूक रहें और शुरुआती लक्षणों को पहचान लें, तो बच्चों में गर्मियों में होने वाली बीमारियाँ आसानी से रोकी और ठीक की जा सकती हैं।
याद रखें, बच्चे की सेहत में थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी बन सकती है। इसलिए इस गर्मी में सतर्क रहें, सही देखभाल करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें।





