बच्चों में हैजा कैसे पहचानें? कारण, संक्रमण फैलने के तरीके और प्रभावी उपचार की पूरी जानकारी
भारत जैसे देश में, जहाँ अभी भी कई क्षेत्रों में साफ पानी और स्वच्छता की चुनौती बनी हुई है, वहाँ बच्चों में हैजा एक गंभीर लेकिन रोकी जा सकने वाली बीमारी है। यह बीमारी विशेष रूप से गर्मी और बरसात के मौसम में अधिक देखी जाती है। सही जानकारी और समय पर इलाज से बच्चे को गंभीर जटिलताओं से बचाया जा सकता है।
इस लेख में हम बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका जैन से जानेंगे कि बच्चों में हैजा क्या है, इसे कैसे पहचाना जाए, यह कैसे फैलता है और इसका सही इलाज क्या है।
बच्चों में हैजा की बीमारी क्या है?
बच्चों में हैजा एक संक्रामक बीमारी है, जो Vibrio cholerae नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। यह बैक्टीरिया आंतों को प्रभावित करता है और शरीर से बहुत तेजी से पानी और नमक बाहर निकाल देता है।
हैजा में बच्चे को अचानक तेज़ और पानी जैसे दस्त होने लगते हैं, जिससे कुछ ही घंटों में शरीर में पानी की भारी कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है। छोटे बच्चों और शिशुओं में यह स्थिति और भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है, क्योंकि उनका शरीर जल्दी कमजोर हो जाता है।
बच्चे को हैजा है या नहीं, यह कैसे पता करें?
कई बार माता-पिता सामान्य दस्त और हैजा में फर्क नहीं कर पाते। बच्चे में हैजा की पहचान कुछ खास लक्षणों से की जा सकती है:
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बहुत अधिक मात्रा में पतले, पानी जैसे दस्त (अक्सर चावल के पानी जैसे)
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बार-बार उल्टी होना
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मुंह सूखना और प्यास का बहुत ज्यादा लगना
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पेशाब कम होना या बिल्कुल न होना
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आंखों का धंस जाना
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सुस्ती या असामान्य कमजोरी
बाल रोग विशेषज्ञ Dr. Priyanka Jain के अनुसार,
“अगर बच्चे को दस्त के साथ तेजी से कमजोरी आ रही है और ORS देने पर भी सुधार नहीं दिख रहा, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।”
बच्चों में हैजा कैसे फैलता है?
बच्चे में हैजा मुख्य रूप से फीकल-ओरल रूट से फैलता है, यानी मल के जरिए संक्रमण मुंह तक पहुँचता है। यह स्थिति तब बनती है जब:
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बच्चा गंदे हाथों से खाना खाता है
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खुले में शौच के कारण वातावरण दूषित होता है
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साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता
भारत के कई ग्रामीण और शहरी झुग्गी क्षेत्रों में, जहाँ स्वच्छता की सुविधाएँ सीमित होती हैं, वहाँ यह संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
क्या हैजा दूषित पानी या भोजन से होता है?
हाँ, बिल्कुल। बच्चे पर हैजा का सबसे बड़ा कारण दूषित पानी और संक्रमित भोजन है। जैसे:
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बिना उबाला या फिल्टर किया हुआ पानी
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खुले में रखा हुआ खाना
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कटे हुए फल या सलाद, जिन्हें ठीक से धोया न गया हो
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सड़क किनारे मिलने वाला अस्वच्छ भोजन
बरसात के मौसम में पानी के स्रोत अक्सर गंदे हो जाते हैं, जिससे हैजा फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए बच्चों को हमेशा उबला हुआ या RO पानी देना बहुत जरूरी है।
हैजा का सही इलाज क्या है?
बच्चे पर हैजा का इलाज सही समय पर शुरू हो जाए, तो यह पूरी तरह ठीक हो सकता है। इलाज का मुख्य उद्देश्य शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करना होता है।
1. ORS (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन)
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हल्के और मध्यम मामलों में ORS सबसे प्रभावी इलाज है
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हर दस्त के बाद ORS देना चाहिए
2. IV Fluids
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अगर बच्चा बहुत ज्यादा कमजोर है या ORS नहीं पी पा रहा, तो अस्पताल में ड्रिप लगाई जाती है
3. एंटीबायोटिक दवाएं
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कुछ गंभीर मामलों में डॉक्टर एंटीबायोटिक दे सकते हैं
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यह दवाएं केवल डॉक्टर की सलाह से ही दें
Dr. Priyanka Jain कहना है, बच्चे को घर पर चिकित्सा देखभाल देने में देरी करने की बजाय समय पर चिकित्सा देखभाल प्रदान करना बेहतर है, क्योंकि बच्चों में निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) बहुत तेजी से बढ़ता है।
बच्चों में हैजा की रोकथाम कैसे करें?
बच्चों में हैजा से बचाव के लिए कुछ सरल लेकिन जरूरी कदम अपनाने चाहिए:
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बच्चों को हमेशा साफ और सुरक्षित पानी पिलाएं
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खाने से पहले और बाद में हाथ धोने की आदत डालें
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खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें
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शौचालय की साफ-सफाई का ध्यान रखें
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छोटे बच्चों को जमीन पर गिरी चीजें खाने से रोकें
निष्कर्ष
भारत में बच्चों में हैजा आज भी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, लेकिन सही जानकारी, स्वच्छता और समय पर इलाज से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। माता-पिता को चाहिए कि वे दस्त और कमजोरी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
समय पर उठाया गया एक सही कदम आपके बच्चे की जान बचा सकता है।







